मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. क्यों पढ़ना चाहिए ‘डेथ इन वेनिस’? मैंने लगभग चार महीने पहले थॉमस मान कृत ‘द मैजिक माउंटेन’ पढ़ा था। वह लंबी अवधि...
गूंज बाक़ी… हमारी इस शृंखला में इस बार मित्रता दिवस का विशेष संदर्भ, किसी किताब के पन्ने नहीं बल्कि यादों के वरक़। हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध साहित्यकारों...
मिस्र के ख्यात लेखक यूसुफ़ इदरीश लिखित कहानी। वादिदा वाशेफ़ द्वारा किये गये अंग्रेज़ी अनुवाद से हिंदी अनुवाद प्रस्तुत कर रहे हैं श्रीविलास सिंह… सबसे सस्ती रातें ...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. ईरान, सादिक़ हिदायत और अंधा उल्लू मन फ़क़त बराए साये-अम मी-नवीसम के दर मुक़ाबिल-ए-नूर रूए दीवार अंदाख़्ते मी-शवद।...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. टिस्का की ‘चटनी’ और साकी की ‘दि ओपन विंडो’ इतालवी उपन्यासकार और गद्यकार उम्बर्तो एको ने कहा था, ज़िंदा रहने के लिए...