गुजराती कहानी हिंदी में: मौलश्री ही क्यों?

कुछ बातें कभी पुरानी नहीं होतीं और उन्हें कहने के लिए कोई अलंकृत भाषा की ज़रूरत भी नहीं होती। तेज़ बहती धारा में एक कंकड़ समर्पित होने की हल्की-सी...

भाषा अपनी, ख़बर किसकी? उधार की?

ख़बरनामा:200… हर शनिवार, इस शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें...

सबसे सस्ती रातें

मिस्र के ख्यात लेखक यूसुफ़ इदरीश लिखित कहानी। वादिदा वाशेफ़ द्वारा किये गये अंग्रेज़ी अनुवाद से हिंदी ​अनुवाद प्रस्तुत कर रहे हैं श्रीविलास सिंह… सबसे सस्ती रातें    ...
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