कॉकरोच वहीं होते हैं, जहाँ गंदगी है

उलटबाँसी विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. कॉकरोच वहीं होते हैं, जहाँ गंदगी है            सुनो साधो! पहले कॉकरोच घर के कोनों में मिलते थे।...

पर्दा है पर्दा

व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. पर्दा है पर्दा               राजा विशेष आरामगाह में आराम फ़रमा रहा था। विशेष इसलिए कि वह पहली...
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