कमलेश भट्ट कमल: नाम बड़ा और दर्शन?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कमलेश भट्ट कमल: नाम बड़ा और दर्शन?             हिंदी ग़ज़ल में अब तक जितनी भी लीपापोती हुई...

रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट            सत्तर के आस-पास का समय रहा होगा, जब रामकुमार कृषक साहित्य की...

ज्ञानप्रकाश विवेक: हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ज्ञानप्रकाश विवेक: हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन            ज्ञानप्रकाश विवेक हिन्दी साहित्य में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।...

विजय स्वर्णकार: लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर!

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. विजय स्वर्णकार: लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर             समकालीन हिंदी ग़ज़ल का आकाश जिन दैदीप्यमान नक्षत्रों से पुरनूर...

कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?              तक़रीबन दर्जन भर ग़ज़ल संग्रह के रचनाकार डॉ. माधव कौशिक...

प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया

पुस्तक चर्चा डॉ. अस्मिता सिंह की कलम से…. प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया            “प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियाँ”, हिन्दी के अन्यतम आलोचक आनंद प्रकाश...

साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व

नोट्स विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व             साठोत्तरी साहित्य भारतीय रचनाकाल का वह कालखंड है, जो...

कहानी के बदलते स्वरूप

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. कहानी के बदलते स्वरूप           आज ए.आई. मॉडल, डिजिटल प्रभाव, ऑनलाइन पत्रिकाएँ, सोशल मीडिया आदि कहानी लेखन और प्रसार...

आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने

शख़्सियत को जानें चंद्रेश्वर की कलम से…. आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने             अग्रज लेखक-आलोचक वीरेन्द्र यादव से मेरी पहली मुलाक़ात वर्ष 1989...

कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?

आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?              मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर...
error: Content is protected !!