आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने

शख़्सियत को जानें चंद्रेश्वर की कलम से…. आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने             अग्रज लेखक-आलोचक वीरेन्द्र यादव से मेरी पहली मुलाक़ात वर्ष 1989...

कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?

आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?              मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर...

रस सिद्धांतों की परंपरा का गहन विश्लेषण

पुस्तक चर्चा राजा अवस्थी की कलम से…. रस सिद्धांतों की परंपराओं का गहन विश्लेषण            यह उस प्रतिभाशाली आलोचक, साहित्यकार प्रोफेसर बी.एल. खरे की स्मृति...

अगाध राग से भरी नवगीत कवयित्री डॉ. शांति सुमन

पाक्षिक ब्लॉग राजा अवस्थी की कलम से…. अगाध राग से भरी नवगीत कवयित्री डॉ. शांति सुमन               गीत, जो आदिम काव्य रूप भी...
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