उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक

बादल सरोज की कलम से…. उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक            यूं तो हाल के लगभग डेढ़ दशक भारतीय प्रेस – विशेषकर हिंदीभाषी प्रेस...

जनसंचार शिक्षा के सामने चुनौतियां

प्रो. संजय द्विवेदी की कलम से…. जनसंचार शिक्षा के सामने चुनौतियां            शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनाना है।...

हिंदी पत्रकारिता नहीं, मानसिकता के 200 साल

पेज 1 से आगे………. निबंध अजय शर्मा की कलम से…. हिंदी पत्रकारिता नहीं, मानसिकता के 200 साल             हिंदी पत्रकारिता में “महिला” भी दरअसल...

हिंदी पत्रकारिता नहीं, मानसिकता के 200 साल

हिंदी पत्रकारिता के 200 साल के सफ़र पर यह उड़ती-सी नज़र उस शख़्स की है, जिसने 1996 से 2019 तक सक्रिय तौर पर ज़िले से लेकर राजधानी तक हिंदी...

ज़रूरत जवाबदेह पत्रकारिता की, यह हो कैसे?

— एल्गोरिदम और प्रो-बिज़नेस नैरैटिव पर आधारित पत्रकारिता का वर्तमान व भविष्य — पत्रकारिता के पतन के लिए ज़िम्मेदार कौन है और किस तरह? — संपादक गुम हुआ और...
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