इंद्रधनुष-11: देवेंद्र आर्य की कविताई गीत, ग़ज़ल, गद्य कविता यानी हिंदी में तीन काव्य रूपों/माध्यमों में अपनी एक सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाने वाले कवि हैं देवेंद्र आर्य। आलोचना भी...
इंद्रधनुष-9 : नोमान शौक़ “मेरे नज़दीक इस मुश्किल वक़्त में शायरी करना क़ब्रिस्तान में वायलिन बजाने जैसा है।” यह कहना रहा है हमारे समय के मक़बूल शायर नोमान शौक़...
गूंज बाक़ी… दुनिया के हालात के मद्देनज़र कैसे कोई कविता प्रासंगिक हो जाती है! गोपालदास नीरज की एक कविता जैसे फिर ज़िंदा हो गयी है। दशकों पहले कविता पढ़ते...
इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज (ग़ज़लिया शायरी में जो ‘हिंदी ग़ज़ल’ धारा बह रही है, उसके प्रमुख समकालीन रचनाकारों में द्विजेंद्र द्विज का नाम शामिल है। हिंदी के साथ...