अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल

पेज 1 से आगे………. राजेश बादल की कलम से…. अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल दूसरा खंड उर्फ़ तिलक युग बहरहाल! आगे बढ़ते हैं। तिलक युग की पत्रकारिता याने...

अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल

‘हिंदी पत्रकारिता के 200 साल’ के संदर्भ में विशेष प्रस्तुति… यह आलेख ‘समग्र भारतीय पत्रकारिता’ ग्रन्थ की समीक्षा नहीं, बल्कि इस नायाब धरोहर के बहाने भारतीय पत्रकारिता के 200...

भारत में महिला पत्रकारिता, एक दस्तावेज़

भारत में महिलाओं की पत्रकारिता के पूरे इतिहास और वर्तमान को दर्ज करती हुई किताब है ‘आधी दुनिया की पूरी पत्रकारिता’। मंगला अनुजा की यह पुस्तक महिला पत्रकारिता के...

माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी

शख़्सियत को जानिए प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी             प्राथमिक शिक्षा के दौरान एक कविता पढ़ने...

सलाम मार्क टली… यादें, क़िस्से और किताबें

सलाम मार्क टली… यादें, क़िस्से और किताबें             भारत में अंग्रेज़ी पत्रकारिता का पर्याय कहे गये तो कभी बीबीसी की भारत की आवाज़ तो...

न ज़िम्मेदार है प्रेस न आज़ाद, फिर भी दिवस?

पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. न ज़िम्मेदार है प्रेस न आज़ाद, फिर भी दिवस?              ‘पत्रकारिता में जन-विश्वास को मज़बूत करना’ इस...
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