लोकगीतों में गांधी

भवेश दिलशाद की कलम से…. लोकगीतों में गांधी             बौद्ध स्तूप आपने सुने हैं, गया में बताते हैं गांधी की भस्म को सहेजने वाला...

डीकोडिंग गांधी वाया हिंद स्वराज

प्रसंगवश… मूलत: ‘हिंद स्वराज और महात्मा गांधी’ शीर्षक वाले इस लेख में गांधी के गहन विचारों का अध्ययन एवं ​विश्लेषण पर्याप्त गहनता से है। ‘हिन्द स्वराज’ के शताब्दी वर्ष...

तीन क़िस्से: गांधीजी की दूरदृष्टि, स्पर्श व परिहास

गूंज बाक़ी… साहित्य के ऐतिहासिक पन्नों से नायाब और दिलचस्प क़िस्से खोज लाते हैं विवेक मेहता। आब-ओ-हवा के लिए ‘रंग-बिरंगी’ ब्लॉग की प्रस्तुति ऐसे ही पन्नों की देन है।...

क्या आज़ादी के बाद स्वराज का स्वप्न पूरा हुआ?

अरुण कुमार डनायक की कलम से…. क्या आज़ादी के बाद स्वराज का स्वप्न पूरा हुआ?                ‘स्वराज’ शब्द की जड़ें भारतीय प्राचीन परंपरा...

साबरमती के संत का स्वर: ‘ईश्वर अल्लाह तेरे नाम’

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साबरमती के संत का स्वर: ‘ईश्वर अल्लाह तेरे नाम’              भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में कुछ धुनें...

आज दुनिया की चुनौतियाँ और सत्याग्रह

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

महात्मा गांधी: विचार दर विचार

शख़्सियत को जानिए विवेक मेहता की कलम से…. महात्मा गांधी: विचार दर विचार               वर्षों पहले एक दुबला-पतला, श्यामवर्णी, सामान्य क़द-काठी का व्यक्ति...
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