इतिहास बकवास है!

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. इतिहास बकवास है!          “इतिहास बकवास है।” – हेनरी फ़ोर्ड लोग बीते काल की पीठ पर लदे हुए… रेले...

प्रतिमाएं और स्मृति-राजनीति का एक दशक

महापंडित कहे जाने वाले राहुल सांकृत्यायन (09.04.1893-14.04.1963) की प्रतिमा ध्वस्त किये जाने की घटना के परिप्रेक्ष्य में प्रतिमा-स्थापना एवं ध्वंस की संस्कृति के एक दशक (2016-2026) की पड़ताल निबंध...

नेपोटिज़्म बनाम नैसर्गिक प्रतिभा

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. नेपोटिज़्म बनाम नैसर्गिक प्रतिभा              जब कोई वरिष्ठ संपादक या साहित्यकार यह कहता है कि सच्चे लेखक को...

तो क्या साहित्य सदा राजसत्ता का मुखापेक्षी रहेगा!

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. तो क्या साहित्य सदा राजसत्ता का मुखापेक्षी रहेगा!             आदर्श स्थिति यही है कि साहित्य को राजनीति से...
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