May 20, 2026 आब-ओ-हवा टिप्पणी नेपोटिज़्म बनाम नैसर्गिक प्रतिभा विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. नेपोटिज़्म बनाम नैसर्गिक प्रतिभा जब कोई वरिष्ठ संपादक या साहित्यकार यह कहता है कि सच्चे लेखक को... Continue Reading
November 24, 2025 आब-ओ-हवा टिप्पणी तो क्या साहित्य सदा राजसत्ता का मुखापेक्षी रहेगा! विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. तो क्या साहित्य सदा राजसत्ता का मुखापेक्षी रहेगा! आदर्श स्थिति यही है कि साहित्य को राजनीति से... Continue Reading