आज का यह भीषण लड़ाकू माहौल जो आपस में, परिवारों में, समाज में और देशों में व्याप्त है… एवं विवाह से पहले ही से संशय, अविश्वास, आरोप-प्रत्यारोप इस विश्वव्यापी...
बीते जीवन की स्मृतियों से गलबहियाँ करना अर्थात अतीत-राग सुखद अहसास होता है, नॉस्टैल्जिया साहित्य के लिए अत्यंत उपजाऊ विषय है क्योंकि यह रचनात्मकता को जन्म देता है। समकालीन...
पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ‘लड़ते हुए लोग’ श्रमिक संघर्ष की कहानियाँ। संघर्षरत औद्योगिक श्रमिकों पर केंद्रित कहानी-संग्रह ‘लड़ते हुए लोग’ की कहानियों...
पंजाबी और हिंदी दोनों में समानाधिकार से लिखने वाले कथाकार गुलबीर सिंह भाटिया की कहानियाँ मानवीय रिश्तों की, आम ज़िंदगी की छोटी-बड़ी किन्तु गहरा प्रभाव डालने वाली उलझनों और...