‘ज़हरीले खाने’ का डर, क्या है पूरा सच?

यह लेख दिखाता है कैसे चयनात्मक घटनाएँ, भावनात्मक भाषा, दोहराये गये नैरेटिव और समन्वित ऑनलाइन प्रवर्धन” (coordinated online amplification) मिलकर जनता का भरोसा पारंपरिक खाद्य व्यवस्था से कमज़ोर कर...

ज़हरीला विकास और हमारे बच्चों का कल

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. ज़हरीला विकास और हमारे बच्चों का कल            भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ ‘विकास’...

HPV वैक्सीन और फर्टिलिटी: रिपोर्ट्स व दावे

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. HPV वैक्सीन और फर्टिलिटी: रिपोर्ट्स व दावे             इधर जिस तरह सरकारी प्रचार तंत्र एचपीवी वैक्सीन...

बदलती परिभाषा! प्रश्न करना विज्ञान-विरोध नहीं

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. बदलती परिभाषा! प्रश्न करना विज्ञान-विरोध नहीं            जो शुरूआत बेहतर पहचान (detection) से हुई थी, वह धीरे-धीरे...

एचपीवी वैक्सीन: ये सवाल ज़रूर पूछें

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. एचपीवी वैक्सीन: ये सवाल ज़रूर पूछें             मुझसे पोस्ट्स और डीएम यानी इनबॉक्स में बार-बार पूछा...

आयुर्वेद पर फैसला बिना सुनवाई?

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. आयुर्वेद पर फैसला बिना सुनवाई?             आयुर्वेद भारत की केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन...

सेहत आयात नहीं होती: सही भोजन कैसे चुनें?

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. सेहत आयात नहीं होती: सही भोजन कैसे चुनें?             वेल्स में एक बार एक डॉक्टर ने...

भारत में भांग विरोधाभास: परंपरा, कानून, पाखंड

पाक्षिक ब्लॉग आलोक त्रिपाठी की कलम से…. भारत में भांग विरोधाभास: परंपरा, कानून, पाखंड              भारत वह देश है जहाँ प्राचीन परंपराएँ आधुनिक क़ानूनों...
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