टूटती मूर्तियाँ.. समाज का वैचारिक दर्पण

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. टूटती मूर्तियाँ.. समाज का वैचारिक दर्पण            इतिहास का एक विचित्र दृश्य बार-बार सामने आता है। जब किसी समाज...

उपन्यास ‘चौरंगी’ और शंकर का जाना

मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. उपन्यास ‘चौरंगी’ और शंकर का जाना मुझे शंकर के बारे में पहली बार लगभग 2011 में पता चला, जब द हिन्दू में...

महान विरासत और बंगाल इन दिनों

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. महान विरासत और बंगाल इन दिनों            बंगाल में ही जन्मे स्वामी विवेकानंद ने ‘शिकागो व्याख्यान’ के ज़रिये विश्व...
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