सार्वजनिक मू​र्तिकला: यह पतन का दौर है?

उत्तम कुमार (03.09.1926-24.07.1980) की जन्म शताब्दी पर प्रसंगवश भवेश दिलशाद की कलम से…. सार्वजनिक मू​र्तिकला: यह पतन का दौर है?             आपने होयसाला राजवंश...

ग़ज़ाला तबस्सुम को सम्मान, उर्दू पर चिंतन

ग़ज़ाला तबस्सुम को सम्मान, उर्दू पर चिंतन पश्चिम बंगाल के आसनसोल में 23 अगस्त को कल्चर एंड लिटरेरी फ़ोरम ऑफ़ बंगाल की तरफ़ से उर्दू शिक्षाविदों, शायरों और लेखकों...

टूटती मूर्तियाँ.. समाज का वैचारिक दर्पण

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. टूटती मूर्तियाँ.. समाज का वैचारिक दर्पण            इतिहास का एक विचित्र दृश्य बार-बार सामने आता है। जब किसी समाज...

उपन्यास ‘चौरंगी’ और शंकर का जाना

मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. उपन्यास ‘चौरंगी’ और शंकर का जाना मुझे शंकर के बारे में पहली बार लगभग 2011 में पता चला, जब द हिन्दू में...

महान विरासत और बंगाल इन दिनों

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. महान विरासत और बंगाल इन दिनों            बंगाल में ही जन्मे स्वामी विवेकानंद ने ‘शिकागो व्याख्यान’ के ज़रिये विश्व...
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