चर्च में मतदान केंद्र और ब्रिटिश लोकतंत्र की सहजता

भोपाल निवासी साहित्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव इन दिनों लंदन प्रवास पर हैं। नियमित लेखन के अभ्यास व स्वभाव के चलते वह उन विचारों/अनुभवों/दृश्यों आदि को दर्ज कर रहे हैं,...

“मणिपुर जल रहा है”

हिंसा पीड़ित मणिपुर का जाएज़ा लेने गयी थीं, भोपाल निवासी कवि और ‘समय के साखी’ की संपादक डॉ. आरती, उनकी डायरी एक पुस्तिका के रूप में हाल ही Notnul...

सीजेपी आन्दोलन और लोकतंत्र का कल

डॉ. वीरेन्द्र कुमार शेखर की कलम से…. सीजेपी आन्दोलन और लोकतंत्र का कल            कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं, जिनका वास्तविक महत्व उनके घटित होने...

एपिस्टीन फाइल की गूंज बनाम भयंकर धमाके

आदित्य की कलम से…. एपिस्टीन फ़ाइल की गूंज बनाम भयंकर धमाके              विदेशी मीडिया द्वारा एपिस्टीन को एक घृणित अपराधी के रूप में बताया...

इज़रायल बनाम हमास: नाइंसाफ़ी से लड़तीं आइदा से चर्चा

अपनी संक्षिप्त फ़लीस्तीन यात्रा के दौरान विनीत तिवारी ने आयदा टूमा सुलेमान के साथ जेरूसलम में बातचीत की, यात्रा से लौटकर उसे लिपिबद्ध किया है। लेखक द्वारा उपलब्ध करवाया...
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