यहां याद आती हैं अपनी मायूस हिंदी किताबें

भोपाल निवासी साहित्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव इन दिनों लंदन प्रवास पर हैं। नियमित लेखन के अभ्यास व स्वभाव के चलते वह उन विचारों/अनुभवों/दृश्यों आदि को दर्ज कर रहे हैं,...
  • August 14, 2026
  • आब-ओ-हवा

अंक – 54

आब-ओ-हवा – अंक – 54 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की एक और ख़ास कड़ी- जिसमें ग्राउंड रिपोर्ट, विश्लेषण, चिंतन, व्यंग्य, डायरी,...

क़िस्सा डॉ. शिवमंंगल सिंह सुमन की क़ैद का

संस्मरण रामप्रकाश त्रिपाठी की कलम से…. क़िस्सा डॉ. शिवमंंगल सिंह सुमन की क़ैद का            जिसका ज़िक्र इस इस फ़साने में है, वह शहर ग्वालियर...

एआई को प्लीज़ थैंक्स कहना छोड़िए

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. एआई को प्लीज़ थैंक्स कहना छोड़िए बिजली संकट भविष्य की चुनौतियों में किस प्रकार हमारे सामने खड़ा है, इसका अनुमान आप अपनी...

राही मासूम रज़ा का ‘आधा गाँव’ और हिन्दी-उर्दू विवाद

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. राही मासूम रज़ा का ‘आधा गाँव’ और हिन्दी-उर्दू विवाद हिन्दी के कालजयी उपन्यास ‘आधा गाँव’ के यशस्वी लेखक राही मासूम रज़ा का...

किस बंकर में जाये परमाणु ख़तरे से डरी धरती?

6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और 9 अगस्त को नागासाकी पर परमाणु बम बरसाये जाने की बरसी औपचारिक चिंताओं में सिमटकर रह गयी। परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने वाले...

सिकंदर का देश-2

पाक्षिक ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से….. सिकंदर का देश-2 आज के दिन हम लोग नाश्ते के बाद फिर नदी के किनारे चल दिये, आज पुनः मेसीडोनिया के कवियों...
error: Content is protected !!