चर्चा में दो किताबें

पुस्तक चर्चा विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. चर्चा में दो किताबें            “अलेक्सा, प्ले हिट्स ऑफ़ लता…” ड्रॉइंग रूम के किसी कोने से महज़...

ह्यूमनकाइंड: आशावाद का व्यवस्थित इतिहास

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे… मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल

पेज 1 से आगे………. राजेश बादल की कलम से…. अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल दूसरा खंड उर्फ़ तिलक युग बहरहाल! आगे बढ़ते हैं। तिलक युग की पत्रकारिता याने...

अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल

‘हिंदी पत्रकारिता के 200 साल’ के संदर्भ में विशेष प्रस्तुति… यह आलेख ‘समग्र भारतीय पत्रकारिता’ ग्रन्थ की समीक्षा नहीं, बल्कि इस नायाब धरोहर के बहाने भारतीय पत्रकारिता के 200...

कथारस में सराबोर स्मृतियों के पन्ने

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. कथारस में सराबोर स्मृतियों के पन्ने          सूरज पालीवाल जी हमारे समय के प्रतिष्ठित आलोचकों में हैं। उन्होंने अपने...

किश्वर नाहीद की बुरी औरत की कथा

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. किश्वर नाहीद की बुरी औरत की कथा          “बुरी औरत की कथा” किश्वर नाहीद लिखित ख़ुद-नविश्त सवानिह उमरी (आपबीती)...

युद्धों के बीच इलाबेन की यह किताब

लाखों महिलाओं के स्वरोज़गार का संगठन ‘सेवा’ खड़ा करने वाली इला भट्ट के भाषणों का संग्रह हाल ही प्रकाशित हुआ है। नारी सशक्तिकरण और महिलाओं के अधिकारों के पक्ष...
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