हिंदी ग़ज़ल में भूमिकाबाज़ी और डीएम मिश्र

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिंदी ग़ज़ल में भूमिकाबाज़ी और डीएम मिश्र            हिंदी ग़ज़ल के कुश्तीबाज़ ग़ज़लकारों में डी.एम. मिश्रा साहब का...

एक शख़्स का जुनून यानी भारतीय सिनेमा की नींव

पाक्षिक ब्लॉग चारु शर्मा की कलम से…. एक शख़्स का जुनून यानी भारतीय सिनेमा की नींव             नमस्कार साथियो, हम उम्मीद करते हैं आप...

ज़रूरत जवाबदेह पत्रकारिता की, यह हो कैसे?

— एल्गोरिदम और प्रो-बिज़नेस नैरैटिव पर आधारित पत्रकारिता का वर्तमान व भविष्य — पत्रकारिता के पतन के लिए ज़िम्मेदार कौन है और किस तरह? — संपादक गुम हुआ और...

मेरे भीतर की स्त्री

मेरे हिस्से का क़िस्सा… आब-ओ-हवा पर एक विशेष शृंखला। उम्र और सृजन का यादगार कथानक लिख चुके हस्ताक्षरों की कहानी, उन्हीं की जुबानी। इस सिलसिले में दूसरी दास्तान एक...

शायरी के निशाने पर ‘अख़बार’

हिंदी पत्रकारिता दिवस… 200 साल की हो गयी हिंदी की पत्रकारिता और कहां से कहां पहुंच गयी! भले ही अब मीडिया जैसे शब्द प्रच​लन में हैं पर अख़बार शब्द...

‘आत्मसंभवा आण्डाल’: भक्ति साहित्य में स्त्री-स्वर

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ‘आत्मसंभवा आण्डाल’: भक्ति साहित्य में स्त्री-स्वर           आज जिस पुस्तक पर चर्चा है वह कथा साहित्य का हिस्सा...

दुनिया भर के चहेते शायर थे बशीर बद्र

डॉ. नौमान की कलम से…. दुनिया भर के चहेते शायर थे बशीर बद्र..            ‘आमद’, ‘इकाई’, ‘इमेज’ शेरी संकलनों के ख़ालिक (रचनाकार) अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त, पद्मश्री...

नेहरू मानते थे, लेखक का दर्जा प्रधानमंत्री से बड़ा

पीयूष बबेले की कलम से…. जब नेहरू बोले, लेखक का दर्जा प्रधानमंत्री से बड़ा           नेहरू जी स्‍वतंत्रता सेनानी और राजनेता होने के साथ ही...

चर्चा में दो किताबें

पुस्तक चर्चा विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. चर्चा में दो किताबें            “अलेक्सा, प्ले हिट्स ऑफ़ लता…” ड्रॉइंग रूम के किसी कोने से महज़...
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