झूठ का दुःख

व्यंग्य ललन चतुर्वेदी की कलम से…. झूठ का दुःख            मैं अपने अध्ययन-कक्ष में शब्दों की साधना में संलग्न होने को प्रस्तुत हुआ ही था...

‘उपद्रव’ का नया टेंडर और लोकतंत्र का कबाड़खाना

पंकज निनाद सोनी की कलम से…. ‘उपद्रव’ का नया टेंडर और लोकतंत्र का कबाड़खाना            जब भी इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, एक सवाल...

नवी पिल्ले: न्याय की संघर्ष-यात्रा को नोबेल

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. नवी पिल्ले: न्याय की संघर्ष-यात्रा को नोबेल               शांति का अर्थ केवल युद्ध का समाप्त हो जाना...

अच्छा लेखक बनाम नैतिक व्यक्ति

अशोक वाजपेयी को श्रीकांत वर्मा सम्मान के बाद साहित्य जगत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ख़ुद वाजपेयी अपने जुमलों को लेकर सुर्ख़ियों में आ रहे हैं। इस संदर्भ...

अपनी कहानी बनाएं और ऐसे मंचों पर रखें: देशपांडे

यथाकथा के एडिशन-5 का मुंबई में समापन, सिनेमा और साहित्य के नाम रहे चार दिनों के बाद आगे की योजना भी… अपनी कहानी बनाएं और ऐसे मंचों पर रखें:...

किताबों की दुनिया में बच्चों की पहली दस्तक

भोपाल निवासी साहित्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव इन दिनों लंदन प्रवास पर हैं। नियमित लेखन के अभ्यास व स्वभाव के चलते वह उन विचारों/अनुभवों/दृश्यों आदि को दर्ज कर रहे हैं,...

निर्मला: एक स्त्री या कई स्त्रियों की कहानी

तेजनारायण श्रीवास्तव की कलम से…. निर्मला: एक स्त्री या कई स्त्रियों की कहानी           नाम में ही जैसे एक सहजता है, एक निर्मलता। और उनके...

लोकगीतों में गांधी

भवेश दिलशाद की कलम से…. लोकगीतों में गांधी             बौद्ध स्तूप आपने सुने हैं, गया में बताते हैं गांधी की भस्म को सहेजने वाला...
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