चर्च में मतदान केंद्र और ब्रिटिश लोकतंत्र की सहजता

भोपाल निवासी साहित्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव इन दिनों लंदन प्रवास पर हैं। नियमित लेखन के अभ्यास व स्वभाव के चलते वह उन विचारों/अनुभवों/दृश्यों आदि को दर्ज कर रहे हैं,...

हिंदी का पाठक: एक तफ़्तीश

ख़बरनामा:200… हर शनिवार, इस शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें...

सार्वजनिक मू​र्तिकला: यह पतन का दौर है?

उत्तम कुमार (03.09.1926-24.07.1980) की जन्म शताब्दी पर प्रसंगवश भवेश दिलशाद की कलम से…. सार्वजनिक मू​र्तिकला: यह पतन का दौर है?             आपने होयसाला राजवंश...

भारत से लाये पत्थर पर हमारे नाम चिट्ठी

भोपाल निवासी साहित्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव इन दिनों लंदन प्रवास पर हैं। नियमित लेखन के अभ्यास व स्वभाव के चलते वह उन विचारों/अनुभवों/दृश्यों आदि को दर्ज कर रहे हैं,...

सीलिंग के पीछे छिपे सवाल

प्रदीप पाराशर की कलम से…. सीलिंग के पीछे छिपे सवाल           रिहायशी इलाक़ों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद देश...

ईशिता राजन लिखित कहानी: नया घर

आज का यह भीषण लड़ाकू माहौल जो आपस में, परिवारों में, समाज में और देशों में व्याप्त है… एवं विवाह से पहले ही से संशय, अविश्वास, आरोप-प्रत्यारोप इस विश्वव्यापी...

हिंदी पत्रकारिता का मर्दलोक

ख़बरनामा:200… हर शनिवार, इस शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें...
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