अंक – 51

आब-ओ-हवा – अंक – 51 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में चुनाव के बाद के परिदृश्य का जाएज़ा विषय...

बोलती, ठहरती, दिखती, छुपती आवाज़

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. बोलती, ठहरती, दिखती, छुपती आवाज़ ग़ौर से सुनिए। कोई आवाज़ दे रहा है। यह आवाज़ तो जानी-पहचानी-सी लग रही है। कब सुनी...

हिन्दी ग़ज़ल में डॉ. उर्मिलेश

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिन्दी ग़ज़ल में डॉ. उर्मिलेश           डॉ. उर्मिलेश, दुष्यंत कुमार के बाद की पीढ़ी के महत्वपूर्ण ग़ज़लकार रहे।...

नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-6

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-6              पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के...

अपने साइलेंस ज़ोन के विकास का समय

पाक्षिक ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. अपने साइलेंस ज़ोन के विकास का समय          पर्यावरण पर विमर्श करते समय हमारी दृष्टि अक्सर उन संकटों...

क्या धर्म को लेकर पक्षपाती है एआई?

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. क्या धर्म को लेकर पक्षपाती है एआई?               कथावाचक, गुरु, मौलवी, पादरी अथवा धार्मिक विद्वान धर्मग्रंथों...

जो है मेरा है, अपने समय का सच है

मेरे हिस्से का क़िस्सा… आब-ओ-हवा पर एक विशेष शृंखला। उम्र और सृजन का बेहतरीन सफ़र कर चुके हस्ताक्षरों की कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी। इस सिलसिले की शुरूआत भोपाल के...
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