पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. एआई को प्लीज़ थैंक्स कहना छोड़िए बिजली संकट भविष्य की चुनौतियों में किस प्रकार हमारे सामने खड़ा है, इसका अनुमान आप अपनी...
पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. राही मासूम रज़ा का ‘आधा गाँव’ और हिन्दी-उर्दू विवाद हिन्दी के कालजयी उपन्यास ‘आधा गाँव’ के यशस्वी लेखक राही मासूम रज़ा का...
6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और 9 अगस्त को नागासाकी पर परमाणु बम बरसाये जाने की बरसी औपचारिक चिंताओं में सिमटकर रह गयी। परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने वाले...
“साथ, यक़ीं, वाबस्तगी, बिकने थे बेदाम/ आज़ादी जो रख दिया, बंटवारे का नाम”… 1947 में विभाजन की क़ीमत पर आज़ादी मिली। आज हम कितने आज़ाद हैं और कितने विभाजित?...
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. संजीव जैन की कलम से…. लेखन: दस्तावेज़ीकरण नहीं, जीवन प्रवाह ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा का दसवां अध्याय… हमने जीवन को जीना कम...